चीला रेंज नेशनल पार्क - वन प्रेमियों के लिये एक स्वर्ग है।

चीला रेंज नेशनल पार्क - वन प्रेमियों के लिये एक स्वर्ग है। उत्तराखंड अपने आप में एक अनूठा क्षेत्र, जो अपने अंदर कई विशेषताएं समाये हुऐ है। यह देव भूमि होने के साथ साथ पर्यटन के लिये भी सभी को आकर्षित करता है। यहाँ पर ऐसे कई स्थल है, जो अनायास ही आपको अपनी और आकर्षित कर लेते है। वन्य प्रेमियों के लिये भी यह एक स्वर्ग की तरह है, जहां आपको कई प्रकार के वन्य जीव देखने को मिल जायेगे।

चीला रेंज नेशनल पार्क

चीला रेंज नेशनल पार्क - वन प्रेमियों के लिये एक स्वर्ग है

ऐसा ही एक स्थान है, हरिद्वार - यदि आप इस धारणा के तहत हैं, कि हरिद्वार में पर्यटकों के लिए केवल धर्म और संस्कृति के अलावा कुछ भी नहीं है, तो यह आपकी धारणा सत्य नहीं है। चीला वन्य अभयारण एक ऐसा ही स्थान है, यह स्थान आपके के लिये ताजा हवा में सांस की लेने की तरह है, जो आपके लिए सभी चीजों को और अधिक रोमांचक बना देता है। हरिद्वार में स्थित चीला वन्यजीव अभयारण्य जानवरों और पक्षियों के लिये एक प्रभावशाली श्रेणी का घर है।

यहाँ आप वन्यजीवों की प्रमुख प्रजातियों में आप हाथी, बाघ, तेंदुए और भालू को देख सकते हैं। गंगा नदी के तट पर स्थित, यह वन्यजीव क्षेत्र 249 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसे सरकार द्वारा 1977 में स्थापित किया गया था। इसलिए, यदि आप हरिद्वार में अपनी यात्रा को प्लान कर रहे है, और आप अपनी हरिद्वार यात्रा पर कुछ रोमांच का स्वाद लेना चाहते हैं, तो आपके लिये चीला वन्यजीव अभयारण्य इसके पर्याप्त अवसर प्रदान करता है।

हरिद्वार में चीला रेंज नेशनल पार्क 

249 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला हुआ चीला वन्यजीव अभयारण्य गंगा नदी के पूर्वी तट पर स्थित है। यह अभयारण्य 1977 में सरकार द्वारा स्थापित किया गया था और वर्ष 1983 में इसे राजाजी नेशनल पार्क को स्थापित करने के लिए मोतीचूर और राजाजी के अभयारण्य के साथ इसको जोड़ा गया था। उत्तर में हिमालय और वहाँ से आती हुई शक्तिशाली गंगा के साथ साथ यह एक शानदार दृश्य को प्रदान करता है।

चीला रेंज नेशनल पार्क में वन्यजीव

चीला रेंज हरिद्वार से 10 किमी की दूरी पर स्थित है, और यह विभिन्न वन्यजीवों जैसे - हाथी, बाघ, भालू, छोटी बिल्लियों और चंचल पक्षियों का घर है, जहाँ पर आप इन सबको देख सकते हैं। वन्य पर्यटकों को इस अभयारण्य में आसानी से हिरण, जंगली सूअर, सांभर, ग्रे लंगूर, लाल रीसस मकाक, भौंकने वाले हिरण, मोर, बटेर, हॉर्नबिल, बाज, और गिद्धों को देख सकते हैं।

  • Chilla for Adventure 

यहाँ पर आप यात्री साहसी जीप सफारी का भरपूर आनंद ले सकते हैं, जो आपको चीला के एंट्री गेट पर मिल जाएगी, जिनका 2 से 2: 30 घंटे का सर्किट टाईम होता है। चीला जंगल सफारी जो जंगल और उसके सुंदर परिदृश्य को प्रदर्शित करता है। जीप सफारी मुख्यत मुंडल, मिथावली और खारा से होकर गुजरती है। यहाँ पर आप अधिक रोमांच का आनंद लेने के लीये हाथी की सवारी का आनंद भी ले सकते है, जो केवल सुबह और शाम के समय में ही संभव है।

  • चीला में रहने की वयवस्था

चीला फॉरेस्ट रेस्ट हाउस आपको प्राकृतिक परिवेश के बीच में एक सुखद प्रवास का अनुभव प्रदान करता है। यह रेस्ट हाउस चंडी गेट से गंगा पर लंबे पुल के बाद, NH 58 पर मुख्य पर्यटन क्षेत्र में स्थित है।

चीला रेंज नेशनल पार्क

  • चीला वन्यजीव अभयारण्य का दौरा करने का सबसे अच्छा समय

इस अभयारण्य में नवंबर और जून के बीच जाया जा सकता है। तब यहाँ सैलानियों को रोमांचक हाथी की सवारी के साथ-साथ शानदार वन्यजीव सफारी मिल सकती है। 

चीला नेशनल पार्क तक कैसे पहुंचा जाये

हरिद्वार के आसपास के क्षेत्र में स्थित चीला वन्यजीव अभयारण्य ऋषिकेश से सिर्फ 20 किमी दूरी पर है। ऋषिकेश और हरिद्वार के बीच में स्थित चीला वन रेंज गंगा भोगपुर गाँव के पास स्थित है। इसके लिये निकटतम रेलहेड ऋषिकेश में है, और देहरादून के जॉली ग्रांट में स्थित हवाई अड्डा, चीला के लिए सबसे निकटतम हवाई अड्डा है।

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